जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) ने कहा कि लॉक डाउन हटाने या लगाने का फैसला राज्यों पर छोड़ देना चाहिए। गहलोत ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पत्रकार वार्ता में कहा कि लॉक डाउन खोलने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए राजस्थान में दो टास्क फोर्स बनाई गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे बढ़ेगी।
रामगंज में भीलवाड़ा मॉडल पर रैपिड टेस्ट
गहलोत ने कहा कि रामगंज में चिंताजनक स्थिति है। वहां भीलवाड़ा मॉडल पर अगले 7 दिनों में रैपिड टेस्ट शुरू हो जाएगा।
केंद्र ने रोकी ग्रांट, पीएम ने नहीं दिया जवाब
सीएम गहलोत ने कहा कि कोविड-19 आने से पहले ही राज्यों की स्थिति खराब थी। केंद्र ने जीएसटी के पैसे रोक रखे हैं। ग्रांट भी पूरी नहीं मिल रही है। केंद्र के पास आरबीआई है। राज्यों के पास कुछ भी नहीं है। राज्यों को बिना ब्याज आबादी के आधार पर 1 लाख करोड रुपए का कर्ज देना चाहिए। पीपीइ वेंटिलेटर समेत चिकित्सा उपकरण की व्यवस्था आईसीएमआर करें। मनरेगा श्रमिकों को 21 दिनों के अग्रिम भुगतान की मांग का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब नहीं दिया। राजस्थान रिलीफ फंड की 600 करोड़ रुपए से काम चला रहा है।
वहीं दूसरी ओर... कोरोना संक्रमण ( coronavirus ) को रोकने के लिए भीलवाड़ा में किए गए जिला प्रशासन के काम की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने तारीफ की है। उन्होंने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिला कलेक्टरों से कहा कि वे भीलवाड़ा मॉडल पर काम करें ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू पाया जा सके। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि भीलवाड़ा के जिला प्रशासन ने जिस तरह कोरोना संक्रमित रोगी मिलते ही तुरंत कर्फ्यू लगाया और पूरे जिले को सील किया यह सराहनीय कदम था। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा के मॉडल को देश के सभी मुख्यमंत्रियों को भेजा जाएगा।
तबलीगी जमात मामले की सुप्रीम कोर्ट जज से कराएं जांच
तबलीगी जमात का मामला गंभीर है। यदि जमात ने बेईमानी की है तो कार्रवाई कर प्रतिबंध लगाओ। अगर उनकी इत्तिला पर भी एसडीएम, डीएम, एसपी ने कुछ नहीं किया तो उन पर कार्रवाई हो। पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा अथवा रिटायर्ड जज से करवानी चाहिए।
अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री





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