झुंझुनूं. वायरस से होने वाली महामारी हो या साधारण बीमारी ये मानव जीवन में जड़े जमा चुके हैं, जीवन भर इनके साथ जीने की कला सीखनी होगी क्योंकि सरकार इस बार काबू पाने के लिए कब तक लॉकडाउन या लोगों के बाहर निकलने पर पाबंदी रखेगी । हमें स्वयं ऐसी परिस्थितियों से लडऩा होगा और ये सब तब तक सम्भव नहीं होगा। जब तक हम अपनी जीवनशैली में बदलाव करके अपनी इम्युनिटी यानी रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत नहीं करेंगे।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ये करना होगा
हमें अपनी दिनचर्या, ऋतुचर्या, खान पान में बदलाव करके वेदों में वर्णित नियमों का अपनाना पड़ेगा। रात को जल्दी सोना, सुबह ब्रह्ममुहूर्त में जागना, योग करना, पौष्टिक आहार सेवन करना, एल्युमिनियम/स्टील खाना पकाने के बर्तन के स्थान पर पीतल, कांस्य, लोहे के बर्तन आदि में परिवर्तन करके प्राकृतिक रूप से अपनी इम्युनिटी मजबूत करके ही ऐसी बीमारियों से खुद को बचा सकतें हैं। सैकड़ों साल पहले आयुर्वेद के ज्ञाताओं ने बीमार व्यक्ति को दवा से ठीक करने से पहले आयुर्वेद के इस सिद्धांत को प्रमुख माना था कि स्वस्थ इंसान के स्वास्थय की रक्षा कैसे की जाए ये ज्यादा महत्वपूर्ण है।





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