भीलवाड़ा।
लद्यु उद्योग भारती के अध्यक्ष महेश हुरकट ने प्रधानमंत्री कार्यालय, नीति आयोग, वित्त, उद्योग व वाणिज्य तथा श्रम मंत्रालय को ज्ञापन भेजा। इसमें सुझाया कि कोरोना से उत्पन्न मंदी के मद्देनजर ईपीएफओ में पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम दर्जे के उद्योग के कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए वित्तीय सहायता दे। कर्मचारियों के भविष्य निधि कोष में उपलब्ध कुल रकम का 50 प्रतिशत हिस्सा या कर्मचारी के छह माह के वेतन में जो कम हो, उसे कंपनी को बतौर कर्ज उपलब्ध कराए। कर्मचारियों को रकम की वापसी 31 मार्च, 2022 से पहले ब्याज के साथ समान मासिक किस्त या समय से पहले एकमुश्त वापस की जाएगी। कर्ज पांच माह ब्याज मुफ्त हो। जो कंपनी फायदा उठाना चाहती है, उसे शर्त माननी होगी कि सितंबर 2020 तक किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकालेगी। कर्ज वापसी में पीएफ में मासिक किस्त जमा की जाती रहेगी। टेक्सटाइल उद्यमियों ने अपने फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को ३१ मार्च तक का तो वेतन दे चुके है, लेकिन अगले माह अप्रेल का वेतन देने के लिए उनके पास फंड तक नहीं है।





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