बुरहानपुर. वैश्विक महामारी का रूप ले चुका कोविड-19 से आज के परिप्रेक्ष्य में हर कोई अपने अपने तरीके से लड़ रहा है। इमरजेंसी ड्यूटी में लगे पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और कर्मचारी कोरोना से सीधे मोर्चा ले रहे हैं, तो कुछऐसे भी हैं जो सीधे मरीजों से तो मोर्चा नहीं ले रहे हैं। लेकिन पर्दे के पीछे से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इन्होंने निभाई अपनी जिमेदारी
टेक्समो कंपनी के संचालक संजय अग्रवाल ने कोरोना से सभी को बचाने के लिए एक नया कदम उठाया। सबसे पहले शासकीय अस्पताल में सेनेटाइज मशीन लगाई, ताकि यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति सेनेटाइज होकर ही अंदर जा सके। इसके बाद कलेक्टोरेट, सभी पुलिस थाने, एक निजी अस्पताल में यह मशीन लगाईगई है। जहां लोगों को इसका फायदा मिला है। संजय अग्रवाल ने गरीबों को वितरित किए जाने वाले भोजन वितरण में भी खासा सहयोग किया। कईऐसे लोग भी है जो लगातार रहवासी क्षेत्र, बैंकों में सेनेटाइज कर रहे हैं।
घर पर ही बना दी सेनेटाइज मशीन
महाजनापेठनिवासी दर्शन पाटिल। आरओ एजेंबल का काम करते हैं। जिन्होंने घर पर ही आरओ मशीन के पार्ट्स से सेनेटाइज मशीन बना दी। यह मशीन महाजनापेठ में बालाजी मंदिर के पास राशन दुकान पर लोगों के सेवा के लिए लगवा दी। दर्शन पाटिल ने कहा कि सामान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, नहीं मेरी सोच है कि सभी राशन दुकान पर यह मशीन लग जाए, क्योंंकि सबसे अधिक भीड़ यहीं पर है। पाटिल ने जो मशीन बनाई है, वह ऑटोमेटिक है।मशीन के पास सेंशल लगे हैं, कोईभी इस पर खड़ा होते ही सेनेटाइज हो जाता है, यहां से हटते ही मशीन बंद हो जाती है। किसी को कोई बटन दबाने की जरूरत नहीं है। स्प्रीड, फीटकरी से यह सेनेटाइज तैयार कर रहे हैं। पांच लीटर पानी में मिलाकर यह बनाते हैं, इसमें ७० लोग सेनेटाइज हो जाते हैं।
पूरे वार्डको किया सेनेटाइज
बाडी की पोल निवासी अजय बालापुरकर लगातार कोरोना से बचाव के लिए काम कर रहे हैं। पहले घर पर मास्क तैयार कर वार्ड में बांटे फिर पूरे वार्डको सेनेटाइज किया। बालापुरकर ने अपने साथियों के साथ मिलकर महर्षिदयानंदवार्ड को सेनेटाइज किया। बालापुरकर ने बताया कि सैनिटाइजर की उपलब्धता की कमी को देखते हुए बाड़ी की पोल के सभी सेवाभावी युवाओं ने एलोवेरा, फिटकरी द्वारा निर्मित लगभग 15 लिटर होममेड सैनिटाइजर का निर्माण कर 100 से अधिक घरों में वितरित किया गया।





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