जयपुर. पुलिस कमिश्नरेट में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने मीडिया से बातचीत में जमातियों का बचाव करते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि वे दोषी नहीं हैं। वे तो वहां से अपने घर और कर्मक्षेत्र वापस लौट आए। कोई भी व्यक्ति बीमार नहीं होना चाहता। कोरोना महामारी में हिन्दू, मुसलमान कोई भी दोष नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में १६०० तक संक्रमित मरीजों में एक भी जमाती नहीं था। ऐसे में रामगंज को दोष नहीं दे सकते। रामगंज ही नहीं, शहर को जब तक कोरोना से मुक्त नहीं कर देंगे, तब तक सरकार चैन से नहीं बैठेगी। जैसे जांच की संख्या बढ़ाई है, मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
मरकज को दिल्ली सरकार क्यों नहीं रोक पाई, इस कार्यक्रम को अनुमति कैसे मिल गई। इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत साफ कर चुके हैं कि सर्वोच्च न्यायायल के सेवानिवृत जज से इसकी जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि लॉक डाउन बढ़ता है तो लोगों को कैसे राहत दी जा सकती है, इस पर बैठक में चर्चा हुई है। कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने आश्वस्त किया है कि कफ्यूग्रस्त इलाकों को छोड़कर लॉक डाउन वाले क्षेत्र में आटा की चक्की खोलने की अनुमति दी जाएगी, ताकि राशन लेने वाले लोगों को कोई दिक्कत न हो।
पुलिस के काम की तारीफ करते हुए जोशी ने कहा कि सबसे असुरक्षित महौल में पुलिस ही काम कर रही है। पुलिस से साथ हम सभी खड़े हैं। पुलिस जो सभी सख्ती दिखा रही, वह हम सभी के भले के लिए है। सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।





No comments:
Post a Comment