जयपुर। प्रदेश में प्रथम चरण के लॉक डाउन के दौरान ही सरकार ने आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन कर रही औद्योगिक इकाइयों समेत अन्य जरूरी उद्योगों को संचालन की सशर्त अनुमति देना शुरु कर दिया था, लेकिन मॉडिफाइड लॉक डाउन में अब उद्योग विभाग त्रिस्तरीय फॉर्मूले के तहत अन्य उद्योगों को भी फिर से शुरु करने की कवायद में जुटा है। हालांकि नए लॉक डाउन मे भी दो अनिवार्य शर्तें हर प्रकार के उद्योग पर समान रूप से लागू होंगी। पहली यह कि सभी इकाइयों में सरकार की ओर से जारी कोविड—19 गाइडलाइन की पालना करानी ही होगी। इसके अलावा ऐसे किसी भी क्षेत्र में उद्योग संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी, जहां प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की रोक लगाई गई हो।
ऐसे मिलेगी अनुमति
- पहली श्रेणी उन उद्योगों की है, जो नगर निगम, नगर परिषदों की सीमा से बाहर यानि ग्रामीण क्षेत्र में है। अगर उद्यमी बाहर से श्रमिक नहीं लाता है और कोरोना गाइडलाइन की पालना करता है तो मॉडिफाइड लॉक डाउन के दौरान अपना उद्यम शुरु करने के लिए उसे किसी भी अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
- दूसरी श्रेणी में शहरी क्षेत्रों के औद्योगिक क्षेत्रों में उन उद्योगों को खोलने पर विचार चल रहा है जिनके पास स्वयं के श्रमिक हैं। ऐसे में उन्हें भी किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यदि श्रमिक बाहर से लाने हैं तो सरकार के निर्धारित अनुमति की जरूरत होगी।
- तीसरी श्रेणी ऐसे उद्योगों की है तो जो ग्रामीण क्षेत्र और रीको एरिया दोनों में ही नहीं है, लेकिन वह आवश्यक वस्तु उत्पादन की श्रेणी में आते हैं। ऐसे उद्योगों को भी संचालित किया जा सकेगा, बशर्ते यदि वह बाहर से श्रमिक लाता है तो उसे निर्धारित अनुमति लेनी होगी। इन श्रमिकों से कोविड—19 गाइडलाइन के मुताबिक कार्य सुनिश्चित कराया जाएगा।
इनका कहना है
उद्योगों के संचालन के लिए विभाग की पूरी तैयारी है। जो उद्योग छूट की श्रेणी में शामिल हैं, उन्हें किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। जहां पर जरूरी हैै, वहां आवश्यक मंजूरी जारी की जाएगी।
डॉ. सुबोध अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव— उद्योग विभाग





No comments:
Post a Comment