खकनार. लॉकडाउन में गांव के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। २७ दिनों के इस समय में युवाओं ने अपने घर में बैठकर परिवार की मदद की।युवाओं ने रोजी रोटी कमाने के लिए अपने स्तर पर ही काम शुरू कर दिया। अतिथि शिक्षक ने लैपटॉप के माध्यम से मोबाइल रिचार्ज किया तो युवाओं ने खेत में पहुंच कर परिवार का सहयोग किया।
खकनार तहसील के 2 हजार आबादी वाले ग्राम धाबा में संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 की तैयारी कर रहे भीका चौहान ने परिवार के साथ खेतों में पहुंच कर गेहूं कटाई एवं तरबूज की गाड़ी भरने में परिवार का सहयोग किया। भीका कुछ दिन पूर्व ही संविदा शाला वर्ग 3 की पढ़ाई की तैयारी के लिए खंडवा में कोचिंग कर रहा था। अचानक से लॉक डाउन के चलते वह अपने घर ढाबा आ गया।लॉक डाउन के चलते परिवार के सामाने परेशानियां आईतो मजदूरी का काम मिलता है वह कर लेते है और अपने परिवार को संभाल रहे है।
अतिथि शिक्षक कर रहा रिचार्ज
शासकीय स्कूल में पढ़ाने वाले अतिथिशिक्षक आशीष पाटिल इन दिनों लॉकडाउन के चलते अपने लैपटॉप से मोबाइल रिचार्ज कर रहे है।लॉकडाउन के चलते गांव में सभी दुकानें बंद होने के बाद ग्रामीण मोबाइल और नेट रिचार्ज के लिए परेशान हो रहे थे।ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान करने के लिए अतिथि शिक्षक ने मोबाइल रिचार्ज का काम शुरू किया।सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपने ही गांव में लोगों की मदद भी कर रहे है।





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