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अंडरटेकिंग पर जलदाय विभाग को कनेक्शन देने से अजमेर डिस्कॉम का इनकार

भूपेन्द्र सिंह
अजमेर.कोरोना corona महामारी के कारण आमजन से लेकर सरकारी महकमों तक का गणित गड़बड़ा गया है। अपनी खस्ता माली हालत के कारण विभाग एक दूसरे को सहयोग से भी अब कतरा रहे हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है जलदाय विभाग water supply department व अजमेर डिस्कॉम Ajmer Discom के बीच। जलदाय विभाग की अंडर टेकिंग undertaking (विद्युत कनेक्शन होने के के बाद राशि जमा करवा देने का शपथ पत्र) पर अजमेर डिस्कॉम ने उसे पर कनेक्शन connection देने से इनकार refuses कर दिया है। डिस्कॉम का कहना है कि पहले विद्युत कनेक्शन के लिए राशि जमा करवाई जाए इसके बाद कनेक्शन जारी होगा। इस मामले को लेकर अजमेर डिस्कॉम ने अध्यक्ष से भी मार्गदर्शन मांगा था। उन्होनें अंडरटेकिंग पर कनेक्शन देने से इनकार किया है। ऐसे में कई जिलों में जल संकट गहरा सकता है। जलदाय विभाग पर अजमेर डिस्कॉम का 67.36 करोड़ का बकाया चल रहा है। इनमें अंडरटेकिंग का पुराना बकाया 38.60 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 2 करोड़ स्थाई रूप से काटे गए कनेक्शन (पीडीसी) का है जो लम्बे समय से बकाया है। जलदाय विभाग ने 147 विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। इसमें से 51 पर काम चालू हो गया है। 34 में डिमांडनोट जमा नही हुआ। 11 कनेक्शन विवाद हैं। 9 विभाग के पास पेंडिग हैं। विभाग के अंडरटेकिंग के 17 कनेक्शन पिछले वित्तीय वर्ष के हैं जिन पर काम चल रहा है। झुंझुनूं सहित अन्य जिलों में विभाग के 31 विद्युत कनेक्शन हैं जिन्हें अंडरटेकिंग पर देने से डिस्कॉम ने मना कर दिया है।

जलदाय विभाग पर जिलेवार बकाया

अजमेर डिस्कॉम का झुंझुनू में सर्वाधिक 1959.05 लाख रुपए का बिजली बिल जलदाय विभाग पर बकाया है। अजमेर शहरी क्षेत्र में 79.87 लाख रुपए, ग्रामीण सर्किल में 128.66 लाख रुपए,भीलवाड़ा में 215.55 लाख रुपए ,नागौर में 2788.27 लाख रुपए, उदयपुर में 82.69 लाख रुपए, राजसमंद में 132.02 लाख रुपए,चित्तौड़ में 442.99 लाख रुपए, प्रतापगढ़ में 12.78 लाख रुपए, बांसवाड़ा में 30.97 लाख रुपए, डूंगरपुर में 68.15 लाख रुपए तथा सीकर में 795.28 लाख रुपए का बिल बकाया है।

विभागों पर 22843.33 करोड़ का बकाया

अजमेर डिस्कॉम का 11 जिलों में सरकारी विभागों पर 22843.33 करोड़ का बकाया है। इनमें जनता जल योजना के तहत 1996.01 करोड़,ग्राम पंचायतों पर 3315.27 करोड़, नगर पालिका व यूआईटी पर 9048.46 करोड़ रुपए तथा अन्य विभागों पर 1747.32 करोड़ का बिजली बिल बकाया है।

हम पहले ही परेशान

अजमेर डिस्कॉम का तर्क है कि जलदाय विभाग अपने सभी कार्यों के लिए अपने ठेकेदारों व सामान आदि के लिए भुगतान कर रहा है जबकि अजमेर डिस्कॉम को राशि जमा नहीं करवा रहा है। वहीं दूसरी ओर डिस्कॉम की वित्तीय हालत खस्ता है। लॉक डाउन के कारण उपभोक्ता बिजली का बिल जमा नहीं करवा रहे हैं। जो भी राजस्व आ रहा है वह बिजली खरीदने के लिए जनरेटर्स को देना पड़ा रहा है। ठेकेदारों व सप्लायर का भुगतान बंद है,करोड़ों रुपए की मेटेरियल खरीद ठप पड़ी है। ऐसे में विद्युत कनेक्शन जारी करना मुश्किल हो रहा है।ॉम का तर्क है कि जलदाय विभाग अपनी सभी कार्यों के लिए अपने ठेकेदारों व सामान आदि के लिए भुगतान कर रहा है जबकि अजमेर डिस्कॉम को राशि जमा नहीं करवा रहा है। वहीं दूसरी ओर डिस्कॉम की वित्तीय हालत खस्ता है। लॉक डाउन के कारण उपभोक्ता बिजली का बिल जमा नहीं करवा रहे हैं। जो भी राजस्व आ रहा है वह बिजली खरीदने के लिए जनरेटर्स को देना पड़ा रहा है। ठेकेदारों व सप्लायर का भुगतान बंद है,करोड़ों रुपए की मेटेरियल खरीद ठप पड़ी है। ऐसे में विद्युत कनेक्शन जारी करना मुश्किल हो रहा है।

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