प्रतापगढ़. कोरोना संक्रमण की रोकथाम के चलते प्रदेश सहित पूरे देश में लॉक-डाउन हैं। कई सरकारी महकमों पर ताले जड़े है, लेकिन आवश्यक सेवाओं के तहत लॉक डाउन के दम्यान भी सरकारी-गैर सरकारी बैंक चालू हैं। हालांकि कोरोना का कहर बैंकों पर भी जमकर टूट पड़ रहा हैं। स्थितियां यह है कि केश-काउंटर पर रहने वाली भीड़ बिल्कुल छट गई है। केश का चलन नहीं के बराबर हो गया है। ऐसे में बैंककर्मी भी दिनभर खाली बैठे-बैठे दिन गुजार रहे हैं।
उपभोक्तओं की संख्या करीब एक हजार से सौ हुई
जिले में अधिकृत रूप से अलग-अलग बैंकों की कई शाखाएं हैं। शहर के एमजी रोड स्थित एसबीआई बैंक मैनेजर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि शाखा में पहले करीब 800 से 1000 से अधिक उपभोक्ता आया करते थे जिन्की संख्या अब 100 के अन्दर रह गई हैं। जिले के सभी बैंकों में यही हालात बने हुए हैं। इसी के चलते प्रतिदिन सभी बैंकों में सभी तरह के लेन-देन मिलाकर अच्छा कारोबार होता था , लेकिन इन दिनों में बहुत कम लेन-देन हो रही हैं।
कभी दिखते थे खचाखच, अब सुनसान
देश में लॉक डाउन के पहले हालात सर्वाविदित हैं। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में विभिन्न बैंकों की ब्रांच ग्राहकों से खचाखच भरी रहती थी। स्थितियां यह थी कि लोगों को केश के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब स्थितियां बिलकुल अलग हैं। अब भीड़ की जगह बैंकों में सूनापन नजर आता है।
लॉक डाउन के कारण अटका रूपया
बैंकों से जुडे अधिकारी बताते है कि सामान्य दिनों में भी बाजार बंद होने पर बैंकों में काम-काज आधा रह जाता है। लॉक डाउन में सिर्फ किराणा और दूध-डेयरी की ही चुनिंदा दुकान खुली है और कोरोना के चलते आमजन भी फिलहाल केश लेन-देन के लिए पहुंच नहीं रहे हैं। बाजार खुलेंगें, तो लेन देन वापस बढ़ेगा।
फिलहाल यह मिल रही हैं सेवाएं
नकदी जमा
नकदी-निकासी
चैक क्लियरिंग
ऑनलाइन भुगतान
सरकारी खातों में राशि हस्तांतरण
(फिलहाल नए ऋण स्वीकृति, नए खाते खोलना, पास बुक्स प्रिटिंग आदि कार्य हीं हो रहे हैं।)
सोशल डिस्टेंस सहित अन्य की करवा रहे पालना
देशभर में कोरोनो के संक्रमण और लॉक डाउन को देखते हुए बैंक भी इसकी पालना करवा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बैंक और एटीएम में आने-जाने से पहले लोगों के साबुन से हाथ धुलवाने और सेनेटाइजरेशन कार्य किए जा रहे हैं। बैंक में बिना मॉस्क के आने पर टोकते हैं वहीं ग्राहक के पास मॉस्क नहीं होने पर व्यवस्था भी कर देते हैं। वहीं बैंक के अंदर लेनदेने के दौरान सोशल डिस्टेंस की भी पालना भी करवा रहे रहे हैं। बैंकों के बाहर धूप से बचाव के लिए टंैट की व्यवस्थाएं भी की गई हैं। वहां भी उपभोक्तओं के लिए सोशल डिस्टेंस की पालना करते हुए उनके लिए कुर्सीया लगाई गई हैं।
50 करोड़ से सीधे 5 करोड़:
जिले में अलग-अलग बैँकों की 62 शाखाएं हैं। अग्रणी जिला प्रबंधक से प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले सामान्य दिनां में प्रतिदिन करीब 50 करोड़ की लेन देन होती थी। इन दिनों अब बमुश्किल 5 से 6 करोड़ के आसपास ही लेन-देन हो रहा हैं।





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