जयपुर. कोरोना संक्रमण से लड़ाई में राज्य सरकार ने लॉक डाउन के दौरान उद्योग संचालन के लिए स्थानीय एजेंसियों से अनुमति की प्रक्रिया को गैरजरूरी माना है। अब अगर उद्योग सरकार की ओर से अनुमत श्रेणी में शामिल हैं तो उद्यमी बिना किसी अतिरिक्त मंजूरी के इकाई को संचालित कर सकते हैं। हालांकि शर्त यह होगी कि वह सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण को लेकर जारी सुरक्षा संबंधी एडवायजरी की पूर्ण पालना करेगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित इकाई को तत्काल बंद किया जा सकेगा।
राज्य सरकार ने इस बारे में संशोधित आदेश जारी किए हैं। पूर्व में समय-समय पर जारी आदेशों में स्थानीय प्रशासन, रीको और संबंधित जिला उद्योग केन्द्र की अतिरिक्त अनुमति का प्रावधान किया था। लेकिन अब विभाग ने माना कि इस प्रक्रिया से राज्य में कई स्थानों पर उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ.सुबोध अग्रवाल ने बताया कि नियमित बातचीत के दौरान उद्यमियों ने इस समस्या के बारे में बताया था। विभाग ने प्रक्रिया को सरल करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था, जिसे मंजूर कर लिया गया।
परिसर में आवास तो श्रमिक पास की जरूरत नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनुमत श्रेणी के उद्योग के श्रमिक यदि कारखाना परिसर में रहते हैं तो उनके लिए अलग से पास जारी कराने की जरूरत भी नहीं होगी। हालांकि यदि बाहर से आते हैं तो पूर्व की तरह उन्हें संबंधित प्राधिकारी से पास जारी कराने होंगे।
गैरअनुमत अब भी रहेंगे बंद
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया है कि पूर्व में जारी आदेशों में बताए गए गैर अनुमत उद्योग अब भी बंद रहेंगे। यदि इस श्रेणी का कोई उद्योग संचालित होता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उद्योग अनुमत है या गैर अनुमत इसे स्पष्ट करने के लिए जिला प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। सरकार की ओर से लॉक डाउन के बाद कई अलग-अलग आदेश जारी कर अनुमत श्रेणी के उद्योगों की सूचियां जारी की गई हैं।
ये हैं अनुमत उद्योग
दवा, फार्मास्युटिकल, मेडिकल उपकरण, खाद्य प्रसंस्करण इकाई, आटा चक्की समेत अन्य निर्धारित आवश्यक वस्तुए, इनका कच्चा माल उत्पादन करने वाले उद्योग तथा इनकी आपूर्ति चेन । कोयला और खनिज उत्पादक, खनन संचालन के लिए विस्फोटक आपूर्ति, खाद्य सामग्री, दवा, फार्मास्युटिकल और मेडिकल उपकरणों की पैकेजिंग इकाई। जारी उत्पादन प्रक्रिया समाप्त होने तक के लिए रसायन उत्पादक इकाइयां। आवश्यक वस्तुओं के भंडारण करने वाले वेयरहाउस और गोदाम, इनकी आपूर्ति करने वाली ई-कॉमर्स और ट्रांसपोर्ट कम्पनी, एफसीआई और राजस्थान वेयरहाउस कॉर्पाोरेशन के सभी गोदाम। आयुष दवा और इसका कच्चा माल तैयार करने वाली इकाइ, कृषि एवं बागवानी से संबंधित सभी गतिविधियां, कृषि मशीनरी, उपकरण, कलपुर्जे निर्मात्री इकाइ, खाद, कीटनाशी, बीज निर्मात्री, पशु और पॉल्ट्री आहार और इनका कच्चा माल तैयार करने वाले उद्योग, डेयरी उद्योग और सप्लाई चेन।





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