अब घर-घर में लग रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाएं
लॉकडाउन के दौरान शाखाओं की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी
नियत समय पर लग रही है शाखाएं
दिन रात सेवाकार्यों में जुटे हैं स्वयंसेवक
जरूरतमंदों के लिए भोजन व दवाइयों की व्यवस्था कर रहे हैं स्वयंसेवक
घरों में मास्क तैयार करके दे रहे हैं कोरोना वारियर्स को
प्रकाश कुमावत/जयपुर
देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच सभी सामाजिक, धार्मिक संगठनों की गतिविधियां व कार्यक्रम बंद है, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियां आम दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। इसके साथ ही संघ की शाखाओं में भी कई गुना विस्तार इस लॉकडाउन के दौरान हुआ है। इन शाखाओं में पहली बार बड़ी संख्या में ऐसे लोगों(इनमें महिलाएं और युवतियां भी हैं) ने संघ की प्रार्थना की है जो इससे पहले कभी शाखा में नहीं गए थे।
आम दिनों में जहां संघ की शाखाएं खुले मैदान, पार्क, सामुदायिक केन्द्रों पर लगती थी, वो शाखाएं अब नहीं लग रही है। इसके बावजूद संघ की शाखाओं में आम दिनों के मुकाबले कई गुना बढोतरी हुई है, क्योंकि पार्क, सामुदायिक केन्द्र व खुले मैदान के बजाय स्वयंसेवक अब अपने घरों में ही शाखाएं लगा रहे हैं। लॉकडाउन से पहले जहां कई कॉलोनियों में एक शाखा लगती थी, वहां अब घर—घर में शाखाएं लग रहीे जिससे इनकी संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है।
परिवार के सदस्य भी शामिल होते हैं शाखा में
इन शाखाओं की खासबात यह है कि स्वयंसेवकों के परिवार के जो सदस्य नियमित रूप से शाखा में नहीं जाते थे, वे भी अब अपने घर में लगने वाली शाखाओं में शामिल होकर नियमित रूप से प्रार्थना व ध्वजप्रणाम करने के साथ ही योग व्यायाम भी कर रहे हैं।
निर्धारित समय पर लगती है शाखा
स्वयंसेवक आम दिनों की तरह निर्धारित समय पर अपने सारे काम छोड़कर शाखा में शामिल हो जाते हैं। ध्वजप्रणाम के साथ ही प्रार्थना की जाती है। इन शाखाओं में कोरोना की स्थिति और उससे निपटने के प्रयासों के साथ ही स्वयंसेवकों की ओर से अपने अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सेवा कार्यों को लेकर चर्चा होती हैं। इनमें भोजन तैयार करके जरूरतमंदों तक पहुंचाने के साथ ही मास्क तैयार करके कोरोना वारियर्स को निशुल्क वितरण की रणनीति बनाई जाती है। ये शाखाएं कमरों और छतों पर लगाई जा रही है।
मोबाइल पर बनती है सेवाकार्यों की रणनीति
इन शाखाओं के मुख्य शिक्षक अपने गणशिक्षकों और स्वयंसेवकों को मोबाइल के जरिए संदेश देते हैं कि उनके क्षेत्र में कहां और किस तरह का सहयोग अथवा सेवाकार्य और शुरू किया जा सकता है। जहां सेवाकार्य चल रहे हैं उनकी जानकारी स्वयंसेवकों से रोजाना ली जाती है। शाखा के दौरान होनेवाली बैठकों में मोबाइल के जरिए एक दूसरे के कार्यों को भी बताया जाता है।
इसलिए लगा रहे हैं घरों में शाखा
संघ के प्रचारक, पदाधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान संघ की शाखाएं सार्वजनिक स्थानों पर नहीं लग सकती है, क्योंकि उन्हें लॉकडाउन के नियमों और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करना जरूरी है। ऐसे में एक साथ एक़ जगह एकत्र होकर शाखा नहीं लगा सकते। वे कहते हैं कि संघ कार्य कभी रूकता नहीं है। इसलिए घरों में शाखाएं लगाई जा रही है
संकट के समय बढ़ती शाखाएं
देश में और संघ पर जब जब भी आपदा या संकट आते हैं तो स्वयंसेवकों का उत्साह कई गुना बढ़ जाता हैं। इस ऐसे समय में स्वयंसेवक और शाखाओं की संख्या में हमेशा बढोतरी होती है। आपातकाल के दौरान जब संघ पर प्रतिबंध लगा था, तब भी संघ की शाखाएं घर घर में लगनी शुरू हो गई थी और संघ कार्य का विस्तार हुआ था। स्वयंसेवक अब कोरोना की जंग में सरकार के साथ जनता को हर संभव सहयोग करने में जुटे हुए हैं।





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