बुरहानपुर/डोईफोडिय़ा. कोरोना वायरस से बचाव को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है। फिर भीकस्बे गांवो में लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे है। ग्राम पंचायत नांदखेड़ा में मुय मार्ग को बंद कर दिया है। यहां बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दिया है। ग्रामीणों ने गांव के बाहर बैनर टांगकर बैरियर लगा दिया है। जिसमें साफ तौर पर बाहर से आने वाले लोगों का प्रवेश वर्जित किया गया है। पहरा देने के लिए 5.5 ग्रामीणों की ड्यूटी रात दिन लगाई जा रही है। यही नहीं गांव के लोगों को भी बाहर जाने पर पाबंदी है।
गांव में यदि लॉकडाउन का उल्लंघन करते हैं तो जुर्माने का प्रावधान भी किया है। हालांकि अभी तक किसी पर जुर्माना नहीं लगा है। सभी लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं। केवल गांव के ही लोगों को प्रवेश करने दिया जा रहा है। निगरानी के लिए ग्रामीणों ने पांच टीमें भी बनाई है। गांव के गेट पर बैरियर लगाकर आने जाने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। सहायक सचिव सचिन सावकार ने बताया कि गांव के निवासी होने पर उन्हे अंदर जाने दिया जाता है। बाहरी होने पर आधार कार्ड देखा जा रहा है। जानकारी नही देने पर 100 पर सूचना दी जाती है। बाहरी लोगों को समझाइस देकर कह रहे है कि अभी हम कोरोना से जंग लड़ रहे, बाद में गांव आइए।
गांव से बाहर खेती.किसानी या आवश्यक कार्य के लिए ही जाने दिया जा रहा है। इन ग्रामीणों को देखकर जिले के अन्य गांवो के ग्रामीणों को सीख लेनी चाहिए। क्योकि महामारी से बचाव में किए लॉकडाउन का पालन करने में लोग घरों में न रहकर बाहर सड़कों की ओर निकल पड़ते है। इस दौरान रामलाल डावर, सचिन सावकार,संतोष पवार, फुलसिंग पवार, परसराम पवार, संजय पाटिल, प्रदीप पाटिल, ईशवर पाटिल, सहित ग्रामवासी के सहयोग से बाहर के लोगो के गांव मे आने से रोका जा रहा है।





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