बीकानेर। सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन और कफ्र्यू लगा रखा है, जिससे लोग अस्पताल तक नहीं पहुंच रहे। साथ ही लोग ऐसे भी है, जिनके शूगर, हार्ट, उच्च रक्तचाप, टीबी, एनिमिया, अस्थमा, श्वांस की तकलीफ, गैस, त्वचा संबंधी रोग सहित अनेक बीमारियों का इलाज लंबे समय से चल रहा है। ऐसे मरीजों को राहत प्रदान की गई है।
अब ऐसे मरीजों को अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने की जरूरत नहीं है, वे चिकित्सक के पुराने रुक्के (पर्ची) से दवा ले सकेंगे। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेश में बताया है कि कोरोना के चलते सैकड़ों लोग राजकीय चिकित्सकों से परामर्श नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे लोगों की सुविधार्थ सरकारी चिकित्सक की अस्पताल की पर्ची के आधार पर वे अपने नजदीकी अस्पताल से दवा ले सकेंगे। यह दवा राज्य के सभी सीएचसी, पीएचसी से ली जा सकेंगी। पर्ची फरवरी २०२० या उसके बाद के राजकीय चिकित्सक की होनी चाहिए।
एक बार में अधिकतम एक माह की दवा
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मरीज एक बार पर्ची में अधिकतम एक माह तक दवा ले सकेंगे। दवा पर्ची पर दवा देने वाले कैमिस्ट को 'दवा उपलब्ध करवा दी गईÓ है लिखना होगा ताकि दवा व पर्ची का दुरुपयोग न हो।
व्यवस्था लागू
सरकार के आदेशों से सभी फार्मासिस्टों को अवगत करा दिया गया है। शुक्रवार को कई मरीजों को दवा दी भी गई। यह व्यवस्था आगामी आदेश पर निरंतर जारी रहेगी। दवा देने में आना-कानी करने वाले फार्मासिस्ट की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
दलीप सियाग, नोडल प्रभारी एमएनडीवाई पीबीएम अस्पताल





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