भीलवाड़ा।
लॉकडाउन के दौरान मोबाइल, लैपटॉप, टैब व टीवी का इस्तेमाल बढ़ गया। डॉक्टरों के अनुसार इन दिनों कई लोग 10 से 1५ घंटे तक मोबाइल, लैपटॉप व टीवी के आगे गड़ाए बैठे रहते हैं। भीलवाड़ा सहित देश में विभिन्न कंपनियों में कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं। सुबह से देर शाम तक लगातार लैपटॉप, टैब और मोबाइल व अन्य डिजिटल उपकरणों पर दफ्तर का काम निपटा रहे हैं। देर रात तक टीवी आदि देखने वाले भी कम नहीं है। वहीं एेसे लोगों की संख्या भी अच्छी खासी है, जो समय बिताने के लिए डिजिटल साधनों का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं।
एमजीएच डॉक्टरों के मुताबकि इन दिनों लोगों को आंखों में खुजली, सूजने, लाल होने, करकराहट व धुंधला दिखाई देने की समस्या हो रही है।
मोबाइल में बिजी बच्चे
बच्चे मोबाइल पर गेम ज्यादा खेल रहे हैं। सामान्य रूप से एक मिनट में 10-15 बार पलक झपकती है, लेकिन बच्चे तीन से पांच बार ही ऐसा करते हैं। इससे कॉर्निया ड्राइ होने से खुजली व करकराहट होने लगती है। डॉक्टरों के अनुसार मोबाइल की स्क्रीन छोटी होने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पडऩे से सिर दर्द होता है।
आंखों की परेशानी से बचाव के तरीके
- हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए स्क्रीन से दूरी बनाएं।
- घंटों लगातार टीवी-मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
- छत पर 30-40 मिनट तेजी से टहलें। योग करें व ध्यान लगाएं।
- रुमाल को गीला कर निचोड़ें और आंखों बंद कर लगा लें।
- टीवी पर न्यूज देखने के बजाय सुनने की आदत डालें।
- रात को समय से सोएं, इससे आंखों को भरपूर आराम मिले।
- देर रात मोबाइल का इस्तेमाल न करें। जरूरी हो तो नाइट मूड पर मोबाइल चलाएं।
- वीडियो कॉल करने के बजाय, ऑडियो कॉल पर बातें करें।
- आंखों में पानी के छीटें न मारें।
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बढऩे लगी मरीजों की संख्या
मोबाइल, लैपटॉप, टैब और टीवी के लगातार इस्तेमाल से लोगों को नेत्र संबंधी परेशानी हो रही हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में लोग 20-20 रूल का इस्तेमाल करें। यह प्रयोग आंखों के लिए संजीवनी है। लोग इसे आम दिनों में भी घर और ऑफिस में अपना सकते हैं।
डॉ. रजमनी गौड़, नेत्र रोग विशेषज्ञ एमजीएच





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