समाज के हेल्पिंग हैंडने तीन राज्यों में फंसे विद्यार्थियों को लाए बुरहानपुर
- तेलंगाना, महाराष्ट्र और मप्र के शहरों में फंसे थे विद्यार्थी
- पांच परिवारों को भी मिलाया
बुरहानपुर. 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद कईपरिवार, पढ़ाने वाले विद्यार्थी देश के अलग-अलग प्रांत, विदेशों में अटक गए। जो जहां था वहीं ठहर गए, विद्यार्थीदूर रहने से इनके परिवारों की चिंता बढ़ गई, तो कईपरिवार भी अपनों से दूर हो गए। ऐसे में कईलोग प्रशासन की अनुमति से अपनों से तो मिल गए, लेकिन इसमें श्री सकलपंच गुजराती वणिक समाज की ाी अहम ाूमिका रही। समाज ने हेल्पिंग हैंडवाट्सऐप ग्रुप बनाया, इसमें समाज के लोगों को वापस बुरहानपुर लाने की जिमेदारी निभाई।
हेल्पिंग हैंडग्रुप के गोपाल देवकर ने बताया कि समाज के कईबच्चे ऐसे हैं, जो अलग-अलग शहरों में पढ़ते हैं। लॉकडाउन के बाद उनके रहने और खाने पीने की समस्या बढ़ गई। बाहर निकल नहीं सकते थे। ऐसे में उन्हें लाने का काम हेल्पिंग ग्रुप ने किया। ग्रुप के माध्यम से तीन अलग-अलग राज्यों में फंसे लोगों को वापस बुरहानपुर लाए, तो किसी को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इसमें तेलंगाना के हैदराबाद, महाराष्ट्र के जलगांव, औरंगाबाद, पुणे, सतारा सहित मप्र के इंदौर, भोपाल सहित कईशहर शामिल है।
जिसे रोका वहां सांसद की मदद से खुले रास्ते
गोपाल देवकर ने बताया कि भोपाल में एक छात्र पढ़ाईके कारण हॉस्टल में रुकी थी, लॉकडाउन के कारण इसे खाली करने के आदेश हो गए। समाज के युवा ने इसे वापस लाने का बीड़ा उठाया और वापस ले आए। बुरहानपुर एक छात्रा हैदराबाद में थी, जिसे वापस लाते समय निजामाबाद में रोका गया। सांसद नंदकुमारसिंह चौहान की मदद से बुरहानपुर ले आए। इस काम में समाज के गोपाल देवकर, ऋषिराज गुजराती, पंकज शाह, ललीत शाह, कृष्णा उर्फ पिंटू शाह आदि ने भूमिका निभाई। हेल्पिंग हैंड ग्रुप मे २०५ लोग मदद के लिए आगे आए। अब यह ग्रुप जरूरतमंदों को पांच किलो आटा, २ किलो नमक देने की सहायता शुरू की है।





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