खारीकुई क्षेत्रवासी सुनील दांतवानी से बातचीत में पता चला कि क्षेत्र में अब तक ना दूध पहुंचा ना राशन सामग्री। सब्जी की गाड़ी आई लेकिन भाव इतने अधिक की मजदूर पेशा लोगों की खरीदने की हिम्मत नहीं हुई। सुनील ने बताया कि दूध लेने कर्फ्यू के दौरान बाहर निकला तो पुलिस का डंडा झेलना पड़ा, जिसका पिंडली पर अब तक निशान है। प्रशासन को समुचित व्यवस्था करनी चाहिए।
सफाई की दरकार
थोड़ा आगे बढ़े तो भावेश मिले। उन्होंने संतोष जाहिर किया कि मेडिकल की टीम क्षेत्र में लगातार सर्वे और स्वास्थ्य की जांच कर रही है। कुछ लोगों को होम आइसोलेट किया है। जिस पर नजर बनाए हुए है। इसी तरह सोनू ने बताया कि क्षेत्र में सफाई की दरकार है। सफाई कर्मी नियमित नही आने से सड़कें गंदी पड़ी हैं। कचरा घरों के बाहर पड़ा है।
नसीब हुई राशन सामग्री
कुछ ही दूरी पर खारीकुई सिलवाट मोहल्ला स्थित मस्जिद तक पहुंचे। यह वहीं जगह है जहां शहर का कोरोना का पहला संक्रमित मरीज मिला। उसके परिवार के चार सदस्य भी पॉजिटिव पाए गए। हालांकि कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र में चौथे दिन लोग घर से बाहर निकले। इतने में डिग्गी बाजार में खाद्य सामग्री लेकर अपना बाजार के तीन पिकअप वाहन पहुंचे। आवाज सुन लोग पिकअप तक पहुंचे। पत्रिका टीम के कहने पर अपना बाजार के कर्मचारी वाहनों को अंदर तक लेकर पहुंचे। इसके बाद लोगों को आटा, दाल, तेल, चीनी सहित अन्य उत्पाद मिल सके।
पन्नीगरान क्षेत्र में सामग्री सप्लाई दुरुस्त
डिग्गी चौक पर सामान खरीदने आए लोगों ने बताया कि पन्नीगरान क्षेत्र में प्रशासन की ओर से दूध, किराणा व सब्जी की नियमित सप्लाई है। उन्हें कफ्र्यू के दौरान कोई तकलीफ नहीं हुई। उन्होंने लोगों से भी सोशल डिस्टेंसिंग रखने के साथ में पुलिस को सख्ती बरतने की अपील की, ताकि कोरोना वायरस को हराया जा सके।





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