अजमेर. हाई सिक्योरिटी जेल में फिर मोबाइल मिला। मोबाइल लावारिस हालत में पड़ा थे। जेल प्रशासन ने सिविल लाइंस थाना में मामला दर्ज कराया है।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने बताया कि हाई सिक्योरिटी जेल के बैरक नंबर एक और दो के पास लावारिस मोबाइल रखा था। तलाशी अभियान के दौरान मोबाइल नजर दिखा। जेल अधीक्षक ने तत्काल सिविल लाइंस थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है।
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पिछले साल उजागर हुआ था वसूली का खेल
जेल में शुल्क वसूली, कैदियों तक मोबाइल और अन्य सामान पहुंचाने की घटनाएं हो चुकी हैं। यहां पिछले साल 20 जुलाई को बंदियों से सुविधा शुल्क वसूली का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में चार जेल प्रहरी, सजायाफ्ता कैदी और उसके दो साथी दलालों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पकड़ा था। इस घटना के बाद भी जेल में कई बार मोबाइल बरामद किए गए थे।
दसवीं-बारहवीं के नतीजों पर निर्भर डिप्लोमा कोर्स के प्रवेश
अजमेर. कोरोना लॉकडाउन से राज्य के सरकारी और निजी पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रवेश कार्यक्रम में भी देरी हो सकती है। दरअसल इन कॉलेज के प्रवेश दसवीं और बारहवीं कक्षा के नतीजों पर निर्भर हैं। सीबीएसई और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं और परिणाम जारी होने के बाद तकनीकी शिक्षा विभाग दाखिलों का कार्यक्रम तय करेगा।
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राज्य में सरकारी और निजी पॉलेटेक्निक कॉलेज में डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की करीब 50 हजार सीट हैं। इनमें सरकारी कॉलेज में 4 हजार 566 और निजी कॉलेज में 46 हजार सीट हैं। विभिन्न कॉलेज के पाठ्यक्रमों में विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। प्राविधिक शिक्षा मंडल जोधपुर इनके केंद्रीयकृत प्रवेश करता है।
दसवीं-बारहवीं के परिणाम अहम
कोरोना लॉकडाउन के चलते सीबीएसई और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बेार्ड की दसवीं और बारहवीं की कई परीक्षाएं बाकी हैं। दोनों बोर्ड बकाया परीक्षाएं कराने के बाद परिणाम जारी करेंगे। पॉलीटेक्निक कॉलेज के डिप्लोमा कोर्स में दसवीं और बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी दाखिले लेते हैं। प्रतिवर्ष जून अंत अथवा जुलाई में प्रवेश कार्यक्रम प्रारंभ होते हैं। इस बार कई सेमेस्टर की परीक्षाएं भी बकाया हैं। लिहाजा प्रवेश कार्यक्रम में देरी हो सकती है।





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