पाली/बाली। जिले के बाली थाना क्षेत्र के कोट बालियान गांव में सीएमएचओ डॉ. आरपी मिर्धा [ CMHO Dr. R.P. Mirdha ] व चिकित्सा अधिकारियों द्वारा फर्जी चिकित्सक [ Fake doctor ] बताकर सेवानिवृत्त मेलनर्स के घर पर कार्रवाई करने के मामले में उलझते नजर आ रहे हैं। रिटायर्ड मेलनर्स [ Retired mailers ] एमआर चौधरी ने सीएमएचओ मिर्धा, एडिशनल सीएमएचओ हेमंत सिंह सहित अन्य चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ अवैध वसूली [ Illegal Recovery ] के रूप में पचास हजार रुपए वसूलने के आरोप में बाली थाने में मामला दर्ज कराया है। इस प्रकरण में एक दिन पूर्व सीएमएचओ ने भी मेलनर्स के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने व फर्जी तरीके से चिकित्सा प्रेक्टिस करने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस दोनों ही मामलों की जांच कर रही है। जबकि रिटायर्ड चौधरी ने आरोप लगाया कि पन्द्रह दिन पूर्व भी सीएमएचओ ने उनको अपने कार्यालय बुलाया था।
रिटायर्ड मेलनर्स बोला- उसके पुत्र व पुत्र वधु चिकित्सक, उनके है उपकरण
मेलनर्स एमआर चौधरी का एक बेटा चिकित्सक है। उसकी पुत्रवधु एम्स में चिकित्सक है। उनके बेटे डॉ. विनोद चौधरी है। जो गांव में तीन-चार दिन के लिए जोधपुर से यहां मरीजों की जांच करते हैं। एमआर चौधरी का कहना है कि वे केवल अपने बेटे के पास उपचार के लिए आने वाले मरीजों को इंजेक्शन आदि लगाने का ही कार्य करते हैं।
35 वर्ष से उपचार का हवाला
सीएमएचओ की ओर से मेलनर्स एमआर चौधरी के पिछले 35 वर्ष से फर्जी तरीके से लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ा करना बताया गया है। जबकि रिटायर्ड मेलनर्स को सेवानिवृत्त हुए 5 वर्ष हो गए।
रकम लकर गाड़ी से उतारने का आरोप
मेलनर्स ने आरोप लगाया कि 14 अप्रेल को सीएमएचओ व एडिशनल सीएमएचओ के आने पर उन्होंने 2 लाख रुपए की मांग की। उसने 10-12 हजार रुपए देने को कहा। इस उन्होंने उसे गिरफ्तार कराने की बात कही तो वह इधर-उधर से रकम की व्यवस्था कर पचास हजार रुपए एकत्रित किए। उन्होंने घर के बाहर खड़ी गाड़ी में उसे बैठाकर रुपए लिए और उसे पंचायत भवन के पास उन्हें उतारकर चले गए।
सीएमएचओ का तर्क- तस्दीक करने गए थे
इधर, सीएमएचओ मिर्धा ने पत्रिका को बताया कि वे कार्रवाई से पहले तस्दीक करने गए थे कि शिकायत सही है या गलत। उन्होंने रुपए लेने की बात को नकारा। जबकि सीएमएचओ ने कार्रवाई के समय पुलिस को भी साथ नहीं लिया था।
पहले भी हो चुके हैं एपीओ
पाली सीएमएचओ मिर्धा का लगातार विवादों से नाता रहा है। जैतारण में अस्पताल में रीलिफ सोसायटी की बैठक को लेकर विवाद के बाद विधायक अविनाश गहलोत ने सीएम व चिकित्सा मंत्री से शिकायत की थी। इसके बाद सीएमएचओ एपीओ हुए थे। इसके बाद वे पाली सीएमएचओ के पद पर वापस लगे। दुकानों व अस्पतालों पर कार्रवाई में उनके खिलाफ लगातार विवाद जुड़े है।
सांसद ने की सीएम से हटाने की मांग
इधर, पाली सांसद पीपी चौधरी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से सीएमएचओ मिर्धा की शिकायत करते हुए उन्हें हटाने की मांग की है। सांसद ने बताया कि सीएमएचओ के व्यवहार व आचरण को लेकर लगातार शिकायतें आ रही है।





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