पाली। राजस्थान सहित देश के करीब 115 भारतीय एमबीबीएस विद्यार्थी [ Indian mbbs student ] अब भी कजाकिस्तान [ Kazakhstan ] में फंसे हुए हैं। इनमें से राजस्थान के 80 छात्र है। ये छात्र पिछले 40 दिनों से होटल में कैद है, हालांकि इनका होटल का खर्चा भी भारत सरकार [ Indian government ] उठा रही है। संभवत: इस माह के 15 मई बाद सभी छात्रों को भारत लाया जा सकता है।
कजाकिस्तान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र एमबीबीएस कर रहे हैं। इन छात्रों को गत माह भारत लौटने के लिए अल्माटी एयरपोर्ट पर लाया गया, लेकिन ऐनवक्त पर इनकी फ्लाइट निरस्त कर दी गई। ये छात्र तब से एक होटल में ठहरे हुए हैं, वे लगातार भारत आने की मांग कर रहे हैं। वहां रह रहे पाली शहर के छात्र सुरेन्द्र गहलोत ने बताया कि भारतीय दूतावास से उन्हें कहा गया है कि 15 मई के बाद उन्हें भारत भेजा जाएगा। इसके प्रयास भारतीय सरकार ने शुरू कर दिए है। फिलहाल वे होटल में है। ये छात्र कजाकिस्तान के शहर सैमी में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। कोरोना वायरस के कहर के चलते वे भारत वापस लौटने के लिए निकले थे, लेकिन अल्माटी एयरपोर्ट पर फंस गए।
पत्रिका का प्रयास लाया रंग
इन छात्रों को भारत लाने के लिए गत दिनों राजस्थान पत्रिका ने मामला उठाया था। इसके बाद पाली सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंंत्री पीपी चौधरी ने लगातार भारत सरकार व कजाकिस्तान सरकार से सम्पर्क कर इन छात्रों को भारत लाने का प्रयास किया। अब यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इससे छात्रों के परिजनों को आस बंधी है।





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