Breaking News
recent

प्रवासी श्रमिकों की समय पर नहीं दी सूचना तो यह होगी कार्रवाई, जिले में बनाए 315 क्वॉरंटीन केन्द्र

करौली. कोरोना वायरस के बीच दूसरे प्रदेशों से जिले में आ रहे श्रमिकों की स्क्रीनिंग और क्वॉरंटीन के लिए जिले में 315 संस्थागत क्वॉरंटीन केन्द्र बनाए गए हैं।

कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय क्वॉरंटीन प्रबंधन समिति की बैठक में जिला कलक्टर डॉ. मोहनलाल यादव ने अधिकारियों को इन सेन्टरों में पानी, बिजली, शौचालय, पंखा, भोजन की पर्याप्त सुविधाएं रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि संस्थागत क्वॉरंटीन में 200 से अधिक व्यक्तियों को नहीं रखा जाए।

उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापकों अपने-अपने केन्द्रों पर रहकर संस्थागत क्वॉरंटीन की समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी जाए। श्रमिकों पर ध्यान रखा जाए कि वह केन्द से बाहर न घूमे और इस संबंध में गांव के निवासियों का सहयोग भी लिया जाए।

कलक्टर ने कहा कि गांवों में शिक्षकों का दायित्व है कि श्रमिक बाहर से आ रहे हैं उनकी सूचना समय पर दें। सूचना समय पर नहीं देने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। गांव के केन्द्रों में क्वॉरंटीन किए गए व्यक्तियों को एवं ग्राम वासियों को जागरूक बनाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर बैनर लगाने, नारे लिखने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

श्रमिकों के बनाएं जाए कार्ड
कलक्टर ने बाहर से आने वाले श्रमिकों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए और बताया कि श्रमिकों को रोजगार का संकट पैदा हो रहा है, इसलिए उसका डाटा तैयार करें कि पहले वह क्या कार्य करता था और क्या काम कर सकता है, उसी अनुसार उसको रोजगार उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए।

अगर वह मनरेगा में कार्य कर सकता है तो उसके जॉब कार्ड तैयार कर उसको रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए श्रम कल्याण अधिकारी शिवचरण मीणा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। बैठक में पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल ने कहा कि जो श्रमिक बाहर से आ रहे हैं उनकी क्वॉरंटीन करने की व्यवस्था उचित रूप से एवं टीम भावना से करें। हर गांव में 5 या 10-10 श्रमिक आ रहे हैं।

अत: उनको क्वॉरंटीन किया जाना जरुरी है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह तोमर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सिंह चारण, सीएमएचओ डॉ. दिनेश मीणा, सहायक कलक्टर ओपी मीणा, पीएमओ डॉ. दिनेश गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे।

सिलिकोसिस पीडि़तों का करें पंजीयन
जिला कलक्टर ने 370 सिलिकोसिस रोगियों का रजिस्ट्रेशन 3 दिन में करने के निर्देश सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के उप निदेशक विनोद कुमार मीणा को दिए। उन्होंने बताया कि इस रोग का इलाज नहीं है और इससे संबंधित को सहायता देने का कार्य को प्राथमिकता दी जाए।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.