कोटा. लॉकडाउन के बीच नगर विकास न्यास की ओर से करीब 300 करोड़ से ज्यादा की रोजगार देने वाली योजना को मूर्त रूप देने के प्रयास शुरू हो गए हैं। आगामी डेढ़ साल में इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य गया है। पशुपालकों के लिए प्रस्तावित बहुउद्देशीय देवनारायण पशुपालक योजना धर्मपुरा, पूनिया देवरी क्षेत्र के विकास में सहायक बनेगी। इसके साथ ही पशुपालकों को नियोजित तरीके से रोजगार मिल सकेगा। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने शुक्रवार को प्रस्तावित योजना निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस योजना में 1324 भूखंड प्रस्तावित किए हैं। इनकी 35 गुणा 90 एवं 35 गुणा 70 वर्गफीट की साइज निर्धारित की गई है। आवासीय योजना में आ रही खातेदारी भूमि की शिफ्टिंग करने के भी निर्देश दिए। अभी इस क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध खनन होना आम बात है। इस योजना के आने के बाद ऐसी गतिविधियों पर रोक लगेगी और क्षेत्र का विकास होगा। यहां डेयरी उद्योग नए स्वरूप में विकसित होगा। इस योजना को लेकर पशुपालकों ने न्यास के अधिकारियों से मिलकर खुशी जाहिर की है। राज्य में इस तरह की योजना पहली बार विकसित की जा रही है।
नगर विकास न्यास की ओर से करीब 250 हैक्टेयर भूमि पर बहुउद्देशीय पशुपालक योजना को मूर्त रूप देने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। पूनिया देवरी गांव में विकसित होने वाली इस योजना पर करीब 300 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च होगी। यहां शहर में स्थित डेयरी और पशुपालकों को शिफ्ट किया जाएगा, ताकि शहर में विचरण करने वाले मवेशियों की समस्या खत्म हो सके। न्यास ने पशुपालकों ेका सर्वे कर लिया है। इस योजना के विकसित होने पर शहर में पशु पालने पर सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। योजना बहुउद्देशीय देवनारायण पशुपालक योजना के नाम जानी जाएगी। न्यास की ओर से पशुपालकों को आवास और पशुओं के बाड़े का निर्माण करके आवंटित किया जाएगा। आवेदकों को बैंक की ओर से ऋण की सुविधा दी जाएगी। यहां प्रतिनिदिन निकलने वाले गोबर का निस्तारण करने के लिए गोबर गैस प्लांट लगाया जाएगा।
इस तरह की होगी योजना
125 हैक्टेयर क्षेत्र में डेयरी व्यवसाय को शिफ्ट किया जाएगा
25 हैक्टेयर भूमि पशुओं के विचरण के लिए उपलब्ध होगी
2 तालाबों का निर्माण किया जाएगा।
1 पशु चिकित्सालय भी खुलेगा
1 विद्यालय भी खुलेगा जिसमें पशुपालकों के बच्चे पढ़ सकेंगे
1 गोबर गैस प्लांट स्थापित होगा





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