जयपुर।
जयपुर।
प्रदेश में जलदाय विभाग के तहत आने वाले 23 हजार टयूबवैल्स और 4 हजार खुले कुओं से प्रतिवर्ष भू-जल के दोहन की तुलना में वाटर रिचार्ज की स्थिति का वास्तविक आंकलन करने के लिए अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही राज्य में नए नलकूपों की खुदाई से पहले और बाद में पानी के रिचार्ज, जल बचत एवं संरक्षण के लिए आवश्यक गाइड लाइन तैयार की जाएगी। जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव ने मंगलवार को जलदाय व भू जल विभाग की समीक्षा बैठक के बाद बताया कि पूरे प्रदेश में पेयजल के समुचित प्रबंधन के साथ ही जल की बचत, संरक्षण और इसकी बचत को लेकर होग जागरूक हो।
इसलिए विभाग के पास पूरे प्रदेश में अपने जल स्रोतों से भू-जल के दोहन और रिचार्ज की स्थिति का वास्तविक और अपडेटेड डाटा उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 14 हजार से ज्यादा हैंडपंपों की मरम्मत की जा चुकी है। कंटीजेंसी प्लान के मुताबिक जरूरत के अनुसार जिलों के कलक्टर राशि स्वीकृत कर सकते हैं।
जलदाय विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव के अनुसार इस व्यवस्था से प्रदेश के सभी जल स्रोतों की स्थिति भी सामने आ जाएगी और वाटर रिचार्ज का स्तर भी बढ़ेगा।





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