जयपुर. विदेशों से विमान के जरिए आ रहे राजस्थानियों और अन्य राज्यों के निवासियों का सबसे पहले एयरपोर्ट पर ही मेडिकल चैक अप होगा। इसमें कोरोना के लक्षण नही मिलने पर ही उन्हें इमिग्रेशन क्लियरेंस मिलेगा। यदि लक्षण दिखते हैं तो उन्हें अस्पताल या चिकित्सकीय सुविधा में भेजा जाएगा। मेडिकल जांच में सही पाए गए यात्रियों को खुद के खर्च पर संस्थागत क्वॉरंटीन सुविधा मिलेगी।
इन यात्रियों की व्यवस्था के लिए सोमवार को जयपुर एयरपोर्ट पर राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के सीएमडी दिनेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में विमानों के आगमन और यात्रियों के क्वॉरंटीन संबंधी प्रक्रिया तय कर ली गई। पूरी प्रक्रिया की निगरानी उद्योग विभाग के एसीएस डॉ.सुबोध अग्रवाल करेंगे। विदेश में फंसे भारतीयों को लेकर पहली फ्लाइट 21 मई को देर रात 12.30 बजे फिलिपीन्स से आने की संभावना है। इसके अलावा आगामी दिनों में 13 अन्य उड़ानों का प्राथमिक शिड्यूल सरकार को मिला है, जिनमें करीब 2 हजार लोग आएंगे।
सूत्रों ने बताया कि बैठक् में तय की गई प्रक्रिया के अनुसार अलग—अलग श्रेणी की होटल और संस्थानों में क्वॉरंटीन सुविधा होगी, जिसका चुनाव भुगतान के आधार वपर यात्री खुद कर सकेंगे। 14 दिन के क्वॉरंटीन के बाद यात्री का कोरोना टैस्ट निगेटिव आने पर वह घर जा सकेगा। घर पर भी उसे 14 दिन के सेल्फ आॅब्जर्वेशन में रहना होगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि यात्री के परिजनों को एयरपोर्ट या क्वॉरंटीन सेंटर पर आने—जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक में रीको एमडी आशुतोष एटी पेडनेकर, एसडीआरएफ के एडीजी सुष्मित विश्वास, पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव, जिला कलक्टर जोगाराम, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के संयुक्त निदेशक डॉ.एस.के.भंडारी के अलावा एयरपोर्ट निदेशक और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, एयर इंडिया, कस्टम और परिवहन विभाग के अधिकारी भी थे।





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