कोटा. लॉकडाउन के बीच करीब ढाई माह से स्कूल नहीं खुलने के बाद भी अभिभावकों पास स्कूलों की ओर से फीस जमा कराने के मैसेज आ रहे हैं। कोटा में हजारों अभिभावक इसको लेकर चिंतित हैं। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं बच्चे की स्कूल फीस जमा नहीं हुई तो उसका नाम नहीं कट जाए। इस बीच अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर आई है। इसके अनुसार उन्हें तत्काल फीस जमा कराना जरूरी नहीं है। यह छूट आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों को ही मिल सकती है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि लॉकडाउन के कारण कोई अभिभावक आर्थिक स्थिति के चलते फ ीस जमा नहीं करा पाता है तो निजी स्कूल ऐसे विद्यार्थी का नाम नहीं काटें। यदि कोई स्कूल ऐसा करता है तो राज्य सरकार उसकी मान्यता निरस्त कर सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग इस बात का भी परीक्षण कराएगा कि निजी स्कूल विद्यार्थियों को फ ीस एवं अन्य शुल्कों में किस प्रकार राहत दे सकते हैं और उन विद्यालयों का संचालन भी प्रभावित नहीं हो। उन्होंने कहा कि मानवता के समक्ष यह ऐसा संकट है जिसका हम सभी को मिलकर सामना करना है। ऐसे वक्त में एक-दूसरे का ध्यान रखकर ही हम इस मुश्किल वक्त का मुकाबला कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं एवं बारहवीं कक्षाओं की शेष परीक्षाएं फि लहाल स्थगित रहेंगी। बाद में सीबीएसई द्वारा लिए जाने वाले निर्णय के अनुरूप फैसला किया जाएगा, ताकि दोनों बोर्ड की परीक्षाओं में एकरूपता बनी रहे और प्रदेश के विद्यार्थियों का अहित न हो। इसी प्रकार उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में भी परीक्षाओं का आयोजन स्थितियां सामान्य होने पर करवाया जा सकेगा।
गहलोत ने निर्देश दिए हैं कि शिक्षा विभाग ग्रीष्मावकाश में बच्चों को मिड-डे मील के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण बच्चों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना संभव नहीं है। ऐसे में अभिभावकों को सूखी राशन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।





No comments:
Post a Comment