बीकानेर. सरकार ने लॉकडाउन को १७ मई तक बढ़ाने के साथ ही चार मई से कई तरह की रियायतें देने की एडवाइजरी जारी की है। जिला प्रशासन ने ऑरेंज जोन में आ चुके बीकानेर को लेकर शनिवार को स्थिति स्पष्ट नहीं की।इसी गफलत में शनिवार सुबह कई दुकानदारों ने दुकानें खोल ली। तहसील मुख्यालयों पर कई दुकानें खुल गई। हर जगह कोरोना संक्रमण को लेकर सोशल डिस्टेंस और मास्क-सेनेटाइजर के उपयोग को लेकर लापरवाही नजर आई। हालांकि पुलिस की ओर से बीकानेर को ऑरेंज जोन में शामिल करने पर फूल वर्षा कर कोटगेट पर खुशी का इजहार किया गया। जिला मुख्यालय पर अब आवाजाही बढ़ गई है। राजमार्गों पर वाहनों की चेंकिंग भी पहले के मुकाबले अब कम कर दी गई है।
दुकानदारों में ऊहापोह की स्थिति बनी
गली-मोहल्लों में लोगों के बैठकें शुरू हो गई है। जिला मुख्यालय पर दुकानें खोलने को लेकर ऊहापोह की स्थिति रही है। जिला प्रशासन ने कोई नई एडवाइजरी जारी नहीं की है। शराब ठेकों को लेकर स्थिति साफ नहीं होने से शराब ठेके खुलने की उम्मीद में कई शराब लेने पहुंच गए लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। दुकानदारों में असमंजस की स्थिति है। कौनसी-कौनसी दुकानें खुलेगी। क्या सुरक्षा इंतजाम जरूरी होंगे और सोशल डिस्टेंस और सेनेटाइर का उपयोग जरूरी जैसी हिदायत का असर नजर नहीं आया।
सड़कों पर ट्रैफिक भी बढ़ा
सड़कों पर भी शुक्रवार की बजाए शनिवार को ज्यादा ट्रैफिक नजर आया। शाम सात बजे बाद भी लोग बाजार में घुमते नजर आए। जिन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं था। जिले की लूणकरनसर तहसील में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई गई। यहां पर प्रशासन व पुलिस मूकदर्शक बना रहा।
जिले के दूसरे कस्बों मंे भी यही हालात
शनिवार की सुबह लूणकरनसर में बाजार में अधिकांश दुकानें खुल गई जबकि केन्द्र सरकार ने छूट चार मई देने की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर बाजार में अनावश्यक भीड़ एकत्रित हो रही है। यहां पुलिस गश्त न के बराबर है। बाजारोंं में लोग बिना मास्क घुम रहे हैं। कुछ इसी तरह के हालात कोलायत व छत्तरगढ़ में रहे हैं। जहां पिछले पिछले पांच दिन से केवल होटल, रेस्टोरेंट और नाई की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें खुल रही है। लोग बिना मास्क और सोशिल डिस्टेंसिंग के बाहर आ रहे हैं।





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