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VIDEO सरकारी गोशाला से मुफ्त में दूध पी रहे तहसीलदार!

अमरसिंह राव

सिरोही. भीषण गर्मी और लॉक डाउन में जहां गायों के चारे.पानी का इंतजाम करना तक मुश्किल हो रहा है। वहीं सरकारी गोशाला के कुछ ऐसे भी जिम्मेदार हैं जो चोरी.छिपे मुफ्त में बछड़ों के हिस्से का दूध तक गटक रहे हैं। सिरोही जिला मुख्यालय पर स्थित जिले की सबसे बड़ी सरकारी अर्बुदा गोशाला में राजस्थान पत्रिका की ओर से किए गए स्टिंग में इसका खुलासा हुआ है। जिला कलक्टर अध्यक्ष और तहसीलदार खुद इस सरकारी गोशाला के सचिव हैं। यहां दूध बेचने तक की मनाही है। पत्रिका स्टिंग में सरकारी गोशाला का ग्वालाए चौकीदार बेटा और वहां का कर्मचारी यह कहते हुए दिख रहे हैं कि सुबह .शाम दोनों समय गायों का दूध तहसीलदार के घर पहुंचाया जा रहा है और खुद चौकीदार का बेटा इसे तहसीलदार के घर तक पहुंचा रहा है। जब हमने इस सम्बन्ध में तहसीलदार प्रवीण रत्नू से पूछा तो वे बोले.चौकीदार का बेटा जो हमारे घर पर दूध लेकर आता हैए वह गोशाला से नहींए बल्कि दूसरी जगह से लाता है लेकिन पत्रिका के पास मौजूद वीडियो इनके दावे का झुठलाने के लिए काफी है। वीडियो में चौकीदार वनाराम का बेटा गोकलाराम साफ कहते हुए दिख रहा है कि सरकारी गोशाला से सुबह .शाम तहसीलदार के घर दूध पहुंचा रहा है। इतना ही नहींए गोशाला के ग्वाला और अन्य कर्मचारी भी स्टिंग के दौरान ये कहते रहे कि सुबह.शाम रोजाना तहसीलदार के वहां गोशाला से दूध पहुंचाया जा रहा है। हकीकत यह है कि पिछले दो महीनों में ही इस सरकारी गोशाला में 10 से अधिक बछड़ों तक ने दम तोड़ा है और कई बछड़े कमजोर हालात में है। ऐसे में तहसीलदार की ओर से बछड़ों के हिस्से का दूध डकारने को लेकर किए गए स्टिंग के सारा सच सामने आया है कि किस तरह चोरी.छिपे इस काम को अंजाम दिया जा रहा है। स्टिंग के तमाम वीडियो और ऑडियो पत्रिका के पास मौजूद हैं। इनके कुछ अंश नीचे दिए जा रहे हैं।


चौकीदार वनाराम के बेटे गोकलाराम से बातचीत के कुछ अंश
पत्रिका: बड़े बर्तन में ये दूध किसके लिए जा रहे होघ्
चौकीदार का बेटा : तहसीलदार साहब के लिएण्ण्ण्
पत्रिका: कितना दूध है अन्दर
चौकीदार का बेटा: मुझे नहीं पता कि कितना दूध है। गोशाला से इस बर्तन को भरकर देते हैं और मैं ले जाकर तहसीलदार साहब के घर छोड़ आता हूं।


ग्वाला गणेशाराम देवासी से बातचीत
पत्रिका : अर्बुदा गोशाला से तहसीलदार के घर कितना दूध जाता है
ग्वाला : पीने के लिए ले जाते हैंण्ण्ण्सुबह साढ़े तीन लीटर और शाम को दो लीटर
पत्रिका : रोज जाता है इतना दूध
ग्वाला : हांए रोज जाता है


कर्मचारी गोवाराम से बातचीत

पत्रिका : यहां से किस किसके घर पर दूध जाता है
कर्मचारी : तहसीलदार साहब के लिए जाता है बस
पत्रिका : रोज कितना दूध जाता है
कर्मचारी : बड़ा टिफिन भरकर ले जाते हैं

पत्रिका स्टिंग के दौरान अर्बुदा गोशाला से जुड़े जिन लोगों से बातचीत कीए उनका कुछ सारांश यहां दिया गया है। ये सारे वीडियो पत्रिका के पास मौजूद है।

एक नजर आंकड़ों पर
720 गोवंश हैं अर्बुदा गोशाला में
585 बड़े और 135 बछड़े
45 से 50 दुधारू पशु
10 बछड़ों की दो महीनों में मौत
15,67800 रुपए अनुदान मिला ;दो महीने का

ये बोले चौकीदार वनाराम
मैं गोशाला में चौकीदार हूं और फिलहाल ड्यूटी जोड पर है लेकिन मैं अभी तहसीलदार जी के यहां हूं। गोशाला का कोई काम होतो वहां के मुनीम जगदीश से बात कर लो जैसा फोन पर वनाराम ने बताया

तहसीलदार की सफाई
चार महीने से लॉकडाउन चल रहा है। इसलिए अभी गोशाला का चौकीदार वनाराम मेरे घर पर काम नहीं करता है। चौकीदार का बेटा जो घर पर दूध लेकर आता है। वह गोशाला से नहीं, दूसरी जगह से लेकर आता है
- प्रवीण रत्नू, तहसीलदारए सिरोही



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