भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. राजस्व मंडल में लम्बित मुकदमों की त्वरित सुनवाई के लिए मंडल प्रशासन अब तकनीक अपनाने में जुट गया है। लॉक डाउन के अनुभवों को देखते हुए मुकदमों की ऑन लाइन सुनवाई की भी कवायद चल रही है। मंडल में न्यायिक कार्यो से सम्बन्धित कार्य घर से ही सम्पादित करने के लिए सिस्को वेबेक्स मीटिंग एप वीडियो कॉफ्रेंसिग के माध्यम से करवाई जा सकती है। इस सॉफ्टवेयर को लाइसेंस वर्जन सूचना और प्रोद्योगिकी विभाग से लिया गया है। सॉफ्टवेयर की अधिकृत क्रेडिंशियल सूचना प्रोद्योगिकी और संचार विभाग द्वारा राजस्व मंडल को उपलब्ध करवाए जाएंगे। विशेष मामलों में ऑन लाइन सुनवाई हाईकोर्ट व अधीनस्थ अदालतों में भी हो रही है। राजस्व मंडल सहित राज्य की 475 अधीनस्थ राजस्व अदालतों में 4 लाख 56 हजार 729 मुकदमें लम्बित हैं।ऑनलाइन तामील करवाए जाएंगे नोटिसराजस्व मंडल से पक्षकार को जारी किया जाने वाला नोटिस भी अब ऑनलाइन तामील करवाया जाएगा। इससे मंडल से नोटिस जारी करने,भेजने तथा पक्षकार तामील करवाने में लगने वाले समय की बचत होगी। राजस्व मंडल से नोटिस ई-मेल के जरिए सम्बन्धित तहसीलदार को भेजा जाएगा। वह इसका प्रिंट निकलवाकर पक्षकार को इसकी तामील करवाएगा। यह प्रक्रिया एक दिन में भी पूरी हो सकती है। अभी तक आमतौर पर नोटिस तामील करवाने में ही एक माह से अधिक का समय लग जाता है। इससे मुकदमों की सुनवाई में देरी होती है।रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश
मंडल कर्मचारियों को केस के अपूर्ण नोटिस के मामले में निचली अदालत से रिकॉर्ड आने पर उसे ऑन लाइन अपडेट करने के निर्देश मंगलवार दिए गए। करीब 1 हजार मुकदमों की सुनवाई रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने के कारण से ही नहीं हो पा रही थी। राजस्व मंडल ने लॉक डाउन में 60 हजार मुकदमों की फाइलों का वैरिफिकेशन करवाया है। कई फाइलें जो लम्बे समय से नहीं मिल रहीं थी वह भी ढूंढ ली गई हैं। राजस्व मंडल रजिस्ट्रार का कहना है कि सभी रीडर/अहलमद को सॉफ्टवेयर व कम्प्यूटर प्रोग्राम की ट्रेनिंग दी गई है। अपूर्ण फाइलों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। रीडरों ने अपनी समस्याएं भी बताईं।
रीडर्स को दिया प्रशिक्षण
राजस्व मंडल में मुकदमों की सुनवाई हाईकोर्ट पैटर्न पर किए जाने के लिए रीडर्स के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हाईकोर्ट पैटर्न के लिए मंडल की कोर्ट व कोर्टरूम के बाहर तथा बरामदों में एलईडी टीवी सेट लगाए गए है। लॉक डाउन के कारण इसका उद्घाटन नही हो सका।
राजस्व मंडल में लम्बित हैं 62 हजार मुकदमें
राजस्व मंडल में 62 हजार 689 मुकदमें लम्बित हैं इनमें टीनेंसी एक्ट के 35 हजार 627,एलआरएक्ट के 23 हजार 981,कोलोनाइजेशन के1970,सीलिंग के 860,डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड के 40,पब्लिक डिमांड रिकवरी के76,एसचीट एक्ट के 21,जमींदारी बिस्वेदारी एक्ट के 6,जागीरदारी एबोलेाशन एक्ट के 33,फारेस्ट एक्ट के 14 तथा वर्ष 2018 में दर्ज हुआ राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थल एक्ट का 1 मुकदमा चल रहा है। मंडल में 23 हजार प्रकरण 10 साल से अधिक समय से लम्बित चल रहे हैं।
कलक्टरों को दिए निर्देश
मंडल ने सभी जिला कलक्टरों को निर्देश जारी किए कि 10 वर्ष से पुराने मामलों को आगामी 3 माह में, 5 वर्ष से पुराने मामलों का निस्तारण अगले 6 माह में तथा 3 साल से अधिक समय से लम्बित मामलों को अगले 12 महीनों में निस्तारित करना होगा, इसकी मासिक रिपोर्ट राजस्व मंडल को भी भेजी होगी।
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