भुवनेश पंड्या
उदयपुर. इएसआइसी हॉस्पिटल में कोरोना केयर सेंटर बनने के तत्काल बाद रविवार को एमबी में लगाई गई रुकावट की बल्लियों को उखाड़ दिया गया है। अब मुख्य द्वार से ही लोग आ जा सकेंगे। पत्रिका ने ६ जून के अंक में जल्द खोले जाएंगे अस्पताल के बंद द्वार शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर जानकारी दी थी। रविवार को ही कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाई गई बल्लियों को हटा दिया गया है। ये बल्लिया कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए लगाई गई थी, ताकि कोविड-१९ के मामले एसएसबी ब्लॉक तक ही सीमित रहे। वहां से संक्रमित लोगों का आना-जाना मुख्य भवन की ओर नहीं हो।
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महाराणा भूपाल हॉस्पिटल से लगातार चिकित्सा उपकरण व जरूरी सामग्री इएसआईसी हॉस्पिटल के लिए भेजी जा रही है। इसमें सुरक्षा उपरकरणों सहित रोजाना काम में आने वाले साधन व उपकरण जरूरी है। रविवार को शाम साढे़ पांच बजे तक एक भी नया एडमिशन नहीं हुआ है। दूसरी ओर १२३ लोगों ने स्क्रीनिंग करवाई है तो ११० नमूने लिए गए हैं। अधीक्षक डॉ आरएल सुमन ने बताया कि इएसआईसी हॉस्पिटल को मजबूत किया जा रहा है, ताकि वहां मरीजों से लेकर स्टाफ को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो।.
- वर्तमान में एमबी हॉस्पिटल में ३० मरीज भर्ती है तो २७ को डिस्चार्ज किया गया है। रविवार को दो पॉजिटिव मरीज भर्ती किए गए हैं। जबकि उमरड़ा स्थित पेसिफिक हॉस्पिटल में ४७ मरीज भर्ती हैं वहीं ३ को डिस्चार्ज किया गया है। इसी प्रकार बेडवास स्थित जीबीएस जनरल हॉस्पिटल में २२ मरीज भर्ती है।
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मुख्य प्रवेश द्वार और मुख्य भवन के बीच लगाई गई बल्लियों को हटा लिया गया है, ताकि अब मरीजों से लेकर परिजनों को आने-जाने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। हमारा प्रयास है कि आम बीमारी या समस्या लेकर आने वाले मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो। डॉ लाखन पोसवाल, प्राचार्य आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर





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