अजमेर.
आषाढ़ के बादलों ने भिगोना शुरू कर दिया है। रविवार शाम हुई बरसात का सोमवार को असर दिखा है। सुबह बादल छाए हुए हैं। हवा चलने से मौसम खुशगवार बना हुआ है। लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
रविवार को वैशाली नगर, माकड़वाली रोड, आनासागर लिंक रोड, शास्त्री नगर, कचहरी रोड, क्रिश्चयनगंज, जयपुर रोड, सिविल लाइंस, केसरगंज, रामगंज और आसपास के इलाकों में हवा संग बरसात हुई थी। बरसात का दौर 1 घंटे तक रुक-रुक कर चला। इसका असर सोमवार सुबह से दिख रहा है। मंद-मंद हवा चलने और आसमान में बादलों की टुकडिय़ों से मौसम सामान्य है। छितराए बादलों से हल्की धूप निकली है।
सड़कों-नालियों में बहता है पानी
अजमेर में बरसात का अनमोल पानी सड़कों-नालियों में बह जाता है। जिले में 5 हजार एमसीएफटी पानी जून से सितंबर के दौरान बरसता है। इसमें से 2 हजार एमसीएफटी पानी नाले-नालियों, सड़कों पर व्यर्थ बह जाता है। इसे बचाने के प्रयास अब तक नाकाफी हैं।
मानसून पूर्व बारिश
अरब सागर में उठा चक्रवात निसर्ग का असर खत्म हो चुका है। जिले के कई हिस्सों में मानसून पूर्व बारिश हो रही है। कई इलाकों में धूप-छांव का दौर चला। इससे झुलसाती धूप, भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों की मानें तो मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। इससे पहले मानसून पूर्व बरसात, अंधड़ का दौर चलेगा।
भरें प्राध्यापक भर्ती के ऑनलाइन फार्म, 7 जुलाई तक मौका
अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग ने संस्कृत शिक्षा विभाग में विषयवार 22 प्राध्यापकों (विद्यालय) की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। आवेदन सोमवार भरने शुरू हो गए हैं। परीक्षा राज्य के जिला/संभाग मुख्यालयों पर कराने का फैसला आयोग करेगा।
लॉकडाउन के चलते राज्य में भर्तियों, परीक्षाओं और साक्षात्कार का दौर थमा हुआ था। हाल में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कार्मिक विभाग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने कहा। इसके तहत राजस्थान लोक सेवा आयोग ने संस्कृत शिक्षा विभाग में प्राध्यापक (विद्यालय)भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। आवेदन सोमवार सुबह से भरने शुरू हो गए हैं। अभ्यर्थी 7 जुलाई तक आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे।





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